मलेशिया में आकस्मिक मृत्यु के बाद वतन वापसी की राह देख रहा परिवार, केंद्रीय मंत्री कमलेश पासवान ने विदेश मंत्री को लिखा पत्र

तीन मासूम बेटों के सिर से उठा पिता का साया, मां नीलम देवी का रो-रोकर बुरा हाल बांसगांव, गोरखपुर। बांसगांव क्षेत्र के चाड़ी गांव निवासी कृष्णवचन शर्मा की मलेशिया में आकस्मिक मृत्यु के बाद उनके पार्थिव शरीर को भारत लाने के लिए केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री कमलेश पासवान ने पहल की है। उन्होंने 2 नवंबर 2026 को विदेश मंत्री एस. जयशंकर को पत्र लिखकर पीड़ित परिवार की मदद करने और आवश्यक कार्रवाई कराने का अनुरोध किया है। बताया जाता है कि कृष्णवचन शर्मा रोजगार के सिलसिले में मलेशिया गए थे और वहां SHANM HAIR DRESSING SALOON JLN PJU 1A/41B कंपनी में काम कर रहे थे। इसी दौरान 2 नवंबर 2026 को उनकी आकस्मिक मृत्यु हो गई। पति की मौत की खबर मिलते ही पत्नी नीलम देवी और पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। कृष्णवचन शर्मा के तीन बेटे हैं। इनमें आकाश शर्मा (17 वर्ष), आदर्श शर्मा (14 वर्ष) और सूर्यांश शर्मा (10 वर्ष) शामिल हैं। तीनों बच्चों के सिर से पिता का साया उठ जाने से परिवार गहरे सदमे में है। पिता को खोने के बाद बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं पत्नी नीलम देवी भी पति के वियोग में बदहवास हैं। परिवार के लोगों को अब केवल इस बात का इंतजार है कि उनके प्रियजन का पार्थिव शरीर जल्द से जल्द गांव पहुंचे, ताकि वे अंतिम दर्शन कर सकें और अपने रीति-रिवाज के अनुसार अंतिम संस्कार कर सकें। परिवार की इस पीड़ा को देखते हुए केंद्रीय मंत्री कमलेश पासवान ने विदेश मंत्री एस. जयशंकर को पत्र लिखकर पूरे मामले में सहानुभूतिपूर्वक विचार करने तथा मलेशिया से कृष्णवचन शर्मा का पार्थिव शरीर भारत लाने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने का आग्रह किया है। केंद्रीय मंत्री की इस पहल से पीड़ित परिवार को उम्मीद जगी है कि विदेश मंत्रालय के सहयोग से जल्द ही उनके प्रियजन का पार्थिव शरीर वतन वापस लाया जा सकेगा।