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Dk Pandey
Gorakhpur•15 days ago

गोरखपुर के डॉ. पंकज सिंह UPSC से सहायक प्राध्यापक पद पर चयनित, बढ़ाया जिले का गौरव

गोरखपुर के डॉ. पंकज सिंह UPSC से सहायक प्राध्यापक पद पर चयनित, बढ़ाया जिले का गौरव

खजनी के हरिहरपुर गांव के निवासी डॉ. पंकज सिंह को अंडमान-निकोबार के राजकीय महाविद्यालय में मिली नियुक्ति गोरखपुर। जनपद के खजनी तहसील अंतर्गत ग्राम हरिहरपुर निवासी डॉ. पंकज सिंह ने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) के माध्यम से सहायक प्राध्यापक (इतिहास) के पद पर चयनित होकर गोरखपुर का मान बढ़ाया है। उन्हें अंडमान एवं निकोबार प्रशासन के महात्मा गांधी राजकीय महाविद्यालय, मायाबंदर में ग्रुप-ए राजपत्रित पद पर नियुक्ति मिली है। 30 सितंबर 2026 को जारी नियुक्ति आदेश के बाद परिवार और क्षेत्र में खुशी का माहौल है। डॉ. पंकज सिंह ने बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) से इतिहास की पढ़ाई शुरू की और दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय से पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। वह यूजीसी-नेट उत्तीर्ण हैं और भारतीय ऐतिहासिक अनुसंधान परिषद (ICHR) से वर्ष 2021-2023 के दौरान डॉक्टोरल फेलोशिप भी प्राप्त कर चुके हैं। भगत सिंह के मुकदमे पर किया शोध डॉ. सिंह का शोध भगत सिंह के मुकदमे, गवाहों और उनकी भूमिका पर केंद्रित रहा है। आधुनिक भारतीय इतिहास और क्रांतिकारी आंदोलन में विशेष रुचि रखने वाले डॉ. सिंह के कई शोधपत्र राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुके हैं। उनके शोध में भारतीय स्वतंत्रता संग्राम, हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन, औपनिवेशिक शिक्षा नीति और भारत-नेपाल संबंध जैसे विषय शामिल हैं। NIEPA में भी दे चुके हैं योगदान UPSC में चयन से पहले डॉ. सिंह नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय शैक्षिक योजना एवं प्रशासन संस्थान (NIEPA) के राष्ट्रीय विद्यालय नेतृत्व केंद्र में सहायक प्राध्यापक के रूप में कार्यरत थे। यहां उन्होंने विद्यालय नेतृत्व विकास, प्रशिक्षण, शैक्षिक अनुसंधान और क्षमता निर्माण से जुड़े कार्यक्रमों में योगदान दिया। उन्होंने NCERT के पीएम ई-विद्या चैनल पर विशेषज्ञ के रूप में भी विभिन्न शैक्षिक विषयों पर भागीदारी की। डॉ. पंकज सिंह के पिता जगदीश सिंह विद्युत विभाग से सेवानिवृत्त हैं, जबकि माता आरती सिंह गृहिणी हैं। उनकी इस उपलब्धि पर परिवारजनों, मित्रों और क्षेत्रवासियों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी हैं। उनकी सफलता युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बनी है।

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