लगातार तीसरी बार अपना दल (एस) की राष्ट्रीय अध्यक्ष बनीं
*लगातार तीसरी बार अपना दल (एस) की राष्ट्रीय अध्यक्ष बनीं अनुप्रिया पटेल, कार्यकर्ताओं से कहा- यूपी की तीसरी नहीं, नंबर-1 पार्टी बनाना है लक्ष्य* *लखनऊ, 2 नवंबर।* अपना दल (एस) के राष्ट्रीय सम्मेलन में केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल को लगातार तीसरी बार पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना गया। सोमवार को लखनऊ के कैसरबाग स्थित महात्मा गांधी सभागार में आयोजित सम्मेलन में यह फैसला लिया गया। इस दौरान कई अन्य पदाधिकारियों को भी दोबारा जिम्मेदारी सौंपी गई। राष्ट्रीय अध्यक्ष चुने जाने पर अनुप्रिया पटेल ने पार्टी के सभी राष्ट्रीय पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं का आभार जताया। *"केवल रसीद न काटें, विचारधारा से जोड़ें"* कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए अनुप्रिया पटेल ने कहा कि अपना दल (एस) आज उत्तर प्रदेश की तीसरी सबसे बड़ी राजनीतिक शक्ति के रूप में स्थापित हुआ है। अब लक्ष्य इसे प्रदेश की नंबर-1 पार्टी बनाना है। उन्होंने कहा कि इसके लिए केवल सदस्यता की रसीद काटना काफी नहीं है, बल्कि लोगों को पार्टी की नीति, विचारधारा और परंपराओं से जोड़ना होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी का उद्देश्य केवल झंडे लगाना या सदस्य संख्या बढ़ाना नहीं है, बल्कि संगठन को इतना मजबूत करना है कि *हर हाथ में अपना दल का झंडा और हर दिल में अपना दल का विचार हो।* *"राष्ट्रीय अध्यक्ष से पहले एक समर्पित कार्यकर्ता हूं"* अनुप्रिया पटेल ने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष का पद मिलने के बावजूद वह सबसे पहले पार्टी की एक समर्पित और निष्ठावान कार्यकर्ता हैं। पार्टी का हर छोटा-बड़ा कार्यकर्ता संगठन की रीढ़ है। कार्यकर्ताओं का सम्मान पहले भी पार्टी की प्राथमिकता रहा है और आगे भी रहेगा। उन्होंने कहा कि अपना दल का उद्देश्य केवल सत्ता हासिल करना नहीं, बल्कि गरीब, कमजोर और समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति की आवाज बनना है। *सामाजिक न्याय के आंदोलन को आगे बढ़ाने का संकल्प* अनुप्रिया पटेल ने कहा कि अपना दल संघर्षों से निकला राजनीतिक संगठन है और इसका वैचारिक आंदोलन सामाजिक न्याय और वंचित समाज के अधिकारों से जुड़ा है। राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में वह इस आंदोलन को और मजबूती देने के लिए पूरी जिम्मेदारी से काम करेंगी। उन्होंने कहा कि राजनीति में परिस्थितियां हमेशा एक जैसी नहीं रहतीं, कभी अनुकूल समय होता है तो कभी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है, लेकिन संगठन के भीतर आपसी विश्वास और एकजुटता बनी रहे तो पार्टी को आगे बढ़ने से कोई नहीं रोक सकता। उन्होंने अपना जीवन पार्टी को समर्पित करने और अंतिम सांस तक पार्टी के सम्मान और सामाजिक न्याय की लड़ाई को आगे बढ़ाने का संकल्प दोहराया। *विधानसभा चुनाव से पहले बूथ स्तर तक संगठन विस्तार पर जोर* आगामी विधानसभा चुनाव को बेहद महत्वपूर्ण बताते हुए उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं को अपनी सक्रियता कई गुना बढ़ानी होगी। प्रदेश अध्यक्ष द्वारा दिए गए संगठन विस्तार के लक्ष्य का जिक्र करते हुए कहा कि पार्टी को प्रदेश के एक-एक बूथ तक पहुंचाना है और नए लोगों को जोड़ना है। उन्होंने कहा कि अभी पार्टी के पास प्रदेश में 13 विधायक और 1 सांसद है, लेकिन आने वाले समय में इसे और आगे ले जाना है। इसके लिए सदनों में संख्या बल बढ़ाना जरूरी है, चाहे वह प्रदेश विधानसभा हो या संसद।