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Gazipur•14 days ago

महिला किसानों की भागीदारी से साकार होगा विकसित कृषि और विकसित भारत

महिला किसानों की भागीदारी से साकार होगा विकसित कृषि और विकसित भारत

महिला किसानों की भागीदारी से साकार होगा विकसित कृषि और विकसित भारत का सपना अंतर्राष्ट्रीय महिला किसान दिवस पर 200 महिलाओं को दिया गया प्रशिक्षण, जमानियां में 60 किसानों को निःशुल्क चना और सरसों के मिनीकिट वितरित गाजीपुर।भारतीय कृषि व्यवस्था को मजबूत बनाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देने में महिला किसानों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। खेती-किसानी से लेकर पशुपालन, उद्यान और मत्स्य पालन तक महिलाएं अपनी मेहनत और कौशल से परिवार की आजीविका को मजबूत कर रही हैं। इसी योगदान को रेखांकित करने के उद्देश्य से जनपद में अंतर्राष्ट्रीय महिला किसान दिवस के अवसर पर ‘विकसित कृषि और विकसित भारत के निर्माण में महिला किसानों की भूमिका’ विषय पर जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।कृषि विभाग के सभागार में आयोजित कार्यक्रम में लगभग 200 महिलाओं को कृषि एवं इससे जुड़े विभिन्न क्षेत्रों की योजनाओं की जानकारी दी गई। कार्यक्रम में जिला कृषि अधिकारी गाजीपुर की उपस्थिति में महिला किसानों को खेती की आधुनिक तकनीकों, सरकारी योजनाओं और आजीविका के नए अवसरों के प्रति जागरूक किया गया।कार्यक्रम में बताया गया कि भारत के ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ी संख्या में महिलाएं प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष रूप से कृषि पर निर्भर हैं। खेतों में बुवाई, निराई-गुड़ाई, कटाई, पशुपालन और कृषि उत्पादों के प्रबंधन जैसे कार्यों में उनकी महत्वपूर्ण भागीदारी रहती है। ऐसे में महिला किसानों को तकनीकी प्रशिक्षण, योजनाओं की जानकारी और आवश्यक कृषि संसाधन उपलब्ध कराना कृषि विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।प्रशिक्षण के दौरान महिलाओं को कृषि विभाग के साथ-साथ उद्यान, मत्स्य पालन और पशुपालन विभाग की विभिन्न योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। उद्देश्य महिलाओं को खेती के पारंपरिक तरीकों के साथ आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़ना तथा उनकी आय और आजीविका को बेहतर बनाने के अवसर उपलब्ध कराना रहा।इसी क्रम में कृषि निवेश केंद्र जमानियां में पूर्व विधायक सुनीता सिंह द्वारा लगभग 60 किसानों को चना और सरसों के मिनीकिट निःशुल्क वितरित किए गए। इस पहल का उद्देश्य छोटे और मध्यम किसानों को दलहन एवं तिलहन की खेती के लिए प्रोत्साहित करना है।चना और सरसों की खेती को बढ़ावा मिलने से किसानों को फसल विविधीकरण का अवसर मिलेगा। साथ ही, कृषि उत्पादन में सुधार और आय के अतिरिक्त स्रोत विकसित करने में भी मदद मिल सकती है।कार्यक्रम के माध्यम से महिला किसानों को कृषि एवं उससे जुड़े क्षेत्रों में उपलब्ध अवसरों का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया गया। विशेषज्ञों के मार्गदर्शन और सरकारी योजनाओं की जानकारी से महिलाएं खेती को अधिक लाभकारी बनाने की दिशा में कदम उठा सकती हैं।अंतर्राष्ट्रीय महिला किसान दिवस पर आयोजित यह कार्यक्रम महिला किसानों के योगदान को सम्मान देने, उन्हें जागरूक करने और कृषि क्षेत्र में उनकी भागीदारी को और मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल रहा।

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