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Rajkumar Raj
Gorakhpur•14 days ago

बदलते मौसम में ठंड से सतर्क रहें मरीज, सरकारी अस्पतालों में टीबी

बदलते मौसम में ठंड से सतर्क रहें मरीज, सरकारी अस्पतालों में टीबी

बदलते मौसम में ठंड से सतर्क रहें मरीज, सरकारी अस्पतालों में टीबी की जांच और दवाएं पूरी तरह मुफ्त : डॉ. संतोष धन के अभाव में नहीं रुकेगा किसी टीबी मरीज का इलाज: सीएमओ गोरखपुर। जिले में टीबी (क्षय रोग) के किसी भी मरीज का इलाज अब आर्थिक तंगी के चलते प्रभावित नहीं होगा। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) ने सख्त निर्देश दिए हैं कि धन के अभाव में किसी भी टीबी मरीज का इलाज बाधित नहीं होना चाहिए। स्वास्थ्य विभाग प्रत्येक मरीज तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं और दवाएं पहुंचाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। यह जानकारी जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. संतोष श्रीवास्तव ने दी। उन्होंने बताया कि बदलते मौसम में ठंड धीरे-धीरे बढ़ रही है, ऐसे में टीबी मरीजों को विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है। ठंड से बचाव न करने पर मरीजों में खांसी और अन्य जटिलताएं बढ़ सकती हैं, जिससे संक्रमण के प्रसार की भी आशंका बनी रहती है। हालांकि, जिन मरीजों ने तीन से चार हफ्ते तक नियमित दवा का सेवन कर लिया है, उनसे संक्रमण फैलने का खतरा नहीं रहता है। उन्होंने मरीजों को गर्म कपड़े पहनने, प्रदूषण व ठंड से बचने के लिए मास्क लगाने और बलगम को मिट्टी से ढकने की सलाह दी। साथ ही मौसमी फलों, हरी सब्जियों व प्रोटीनयुक्त आहार जैसे दूध, पनीर, सोयाबीन व अंडे का नियमित सेवन करने पर जोर दिया। दो सप्ताह से अधिक खांसी बने तो कराएं जांच, गठित हो रही 'जोश टीम डॉ. श्रीवास्तव ने बताया कि सामान्य सर्दी-खांसी के बीच यदि किसी व्यक्ति को दो सप्ताह से अधिक समय से लगातार खांसी आ रही हो, रात में पसीने के साथ बुखार रहता हो, वजन घट रहा हो या बलगम में खून आता हो, तो उसे तुरंत टीबी जांच करानी चाहिए। मुख्यालय पर संचालित टीबी क्लिनिक समेत सभी सरकारी अस्पतालों में बलगम जांच, एक्स-रे और दवाएं पूरी तरह नि:शुल्क उपलब्ध हैं। उन्होंने बताया कि क्षय रोग की प्रभावी रोकथाम के लिए 'टीबी मुक्त भारत ऐप' के जरिए प्रत्येक ब्लॉक में नोडल अधिकारी तैनात किए जा रहे हैं और ब्लॉक स्तर पर 'जोश टीम' का गठन किया जा रहा है। इस अभियान का शुभारंभ गत 8 अक्टूबर को जेपी नड्डा द्वारा किया गया था। उन्होंने अपील की कि "टीबी को हराना है, देश बचाना है", अगर आसपास कोई भी संदिग्ध मरीज दिखे तो उसे फौरन नजदीकी हेल्थ सेंटर या जिला टीबी अस्पताल जाने की सलाह दें।

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