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जानीपुर में बाघ की दहशत के बीच फिशिंग कैट होने का अनुमान,

जानीपुर में बाघ की दहशत के बीच फिशिंग कैट होने का अनुमान,

जानीपुर में बाघ की दहशत के बीच फिशिंग कैट होने का अनुमान, वन विभाग ने चलाया सर्च अभियान। मदरिया । ----------------- दो दिनों से जंगली जानवर दिखने की चर्चा, रातभर लाठी-डंडे लेकर पहरेदारी करते रहे ग्रामीण; अधिकारियों ने अफवाहों से बचने की अपील की....... गोला थाना क्षेत्र के जानीपुर और आसपास के गांवों में बाघ जैसे जंगली जानवर दिखाई देने की चर्चा से ग्रामीणों में दहशत का माहौल बना हुआ है। शुक्रवार सुबह वन विभाग की टीम ने सिधारी गांव पहुंचकर जांच-पड़ताल की। बड़हलगंज रेंज के क्षेत्राधिकार शिवजीत सिंह और बांसगांव रेंज के अधिकारी आरके श्रीवास्तव के नेतृत्व में टीम ने संभावित ठिकानों पर तलाश की। डिप्टी रेंजर सुधीर कुमार के साथ रेस्क्यू टीम के मोहित कश्यप, जितेंद्र कुमार, मोती और सिद्धार्थ भी अभियान में शामिल रहे। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण भी मौजूद रहे। ग्रामीणों के अनुसार, पश्चिम बलिया खखरी बलिया गांव के पास, सिधारी गांव के बाहरी हिस्से और भरवलिया टोले के आसपास जंगली जानवर दिखाई देने की चर्चा थी। सोशल मीडिया पर वीडियो प्रसारित होने के बाद लोगों की चिंता बढ़ गई। बृहस्पतिवार रात ग्रामीण अपने पालतू पशुओं की सुरक्षा के लिए लाठी-डंडे लेकर पहरेदारी करते रहे। ग्रामीणों ने रात में ही वन विभाग को सूचना दी थी। शुक्रवार सुबह वन विभाग की टीम उस तालाब के किनारे पहुंची, जहां युवकों ने जानवर देखने का दावा किया था। टीम ने आसपास के संभावित ठिकानों की तलाशी ली और तालाब के किनारे मिले पैरों के निशानों की जांच की। अधिकारियों को छोटे बिल्ली जैसे पैरों के निशान भी मिले। दोपहर तक खोज अभियान जारी रहा। इस दौरान पटाखे फोड़कर भी जानवर की तलाश की गई, लेकिन वह कहीं दिखाई नहीं दिया। बाढ़ के साथ आ सकते हैं जंगली जानवर..... बड़हलगंज रेंज के क्षेत्राधिकार शिवजीत सिंह ने बताया कि इस क्षेत्र में बाघ की मौजूदगी की संभावना बेहद कम है। सरयू नदी में बाढ़ के दौरान कुछ जंगली जानवर आसपास के क्षेत्रों में आ सकते हैं। शुरुआती अनुमान के अनुसार, यह फिशिंग कैट हो सकती है, जो मछलियों की गंध से तालाब के किनारे पहुंची हो। ग्रामीणों ने तालाब के पास मछलियां फेंकी थीं। उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया पर एआई से संवर्धित तस्वीरें भी प्रसारित की जा रही हैं। ऐसे में लोगों को अफवाहों पर ध्यान नहीं देना चाहिए। वन विभाग ने ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील की है। अधिकारियों ने कहा कि यदि दोबारा कोई संदिग्ध जंगली जानवर दिखाई दे तो उसके पास जाने या घेरने के बजाय तत्काल वन विभाग को सूचना दें। फिलहाल, जानवर की वास्तविक पहचान की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

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